नई दिल्ली/ रिपोर्ट- मारीदास :- भारतीय विद्या भवन के.जी. मार्ग स्थित ऑडिटोरियम में Lecture Series on Science of Creative Intelligence के अंतर्गत Lecture-4 Rudraksha (Scientific & Spiritual Significance) विषय पर एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा Rudraksha-Infused Herbo-Hydro Cupping – Acupressure Therapy जिसे पहली बार प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे डॉ. अपर्णा दीक्षित और सुश्री श्वेता सेठ ने संपन्न किया। इस सत्र की मेज़बानी डॉ. सुषमा शर्मा ने की। डॉ. भारत भूषण शर्मा (होलिस्टिक हेल्थ एजुकेशनलिस्ट एवं प्रमोटर) ने रुद्राक्ष की आध्यात्मिक एवं धार्मिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। इसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने रुद्राक्ष के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। डॉ. एम. के. पांडे एवं टीम द्वारा रुद्राक्ष-इन्फ्यूज्ड एरोमैटिक साउंड-पाम मेडिटेशन पर विशेष सत्र श्री मोहित बुद्धि राज ने रुद्राक्ष के ज्योतिषीय महत्व पर जानकारी दी। श्री विनय सक्सेना ने रुद्राक्ष के स्वास्थ्य लाभ बताए, श्री संकर्षण राय ने विशिष्ट रुद्राक्ष प्रकारों और उनके लाभों की जानकारी दी, सुश्री निधि जैन ने रुद्राक्ष के धारण एवं देखभाल पर मार्गदर्शन दिया। श्री ए. के. सक्सेना ने रुद्राक्ष और चक्र संतुलन पर प्रकाश डाला, डॉ. अनिल चौधरी द्वारा आयोजित Rudraksha-Infused Herbo-Hydro Cupping – Acupressure Therapy का लाइव डेमो प्रतिभागियों के लिए विशेष अनुभव रहा। सत्र के अंतिम भाग में श्री सिद्धेश्वर भल्ला ने योग और ध्यान में रुद्राक्ष के प्रयोग डॉ. सुषमा शर्मा ने शोध अध्ययनों और सुश्री सरिन मैम ने भारतीय विद्या भवन के एडवांस कोर्सेज पर जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन डॉ. भारत भूषण शर्मा द्वारा इवैल्यूएशन और ग्रुप फोटो के साथ हुआ और अंत में डॉ. सुषमा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया। यह कार्यक्रम सभी के लिए खुला था और इसमें अनेक प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रुद्राक्ष के गूढ़ रहस्यों को विज्ञान और चिकित्सा के दृष्टिकोण से समझने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा।
