कन्याकुमारी | 2 दिसंबर 2025 | शुद्ध अन्न, प्राकृतिक खेती और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से निकाली गई भारत अन्नशुद्धि पदयात्रा का आज कन्याकुमारी में भव्य और ऐतिहासिक समापन हुआ। यह पदयात्रा 26 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से प्रारंभ हुई थी, जिसने लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पूरे देश को एक सूत्र में बाँध दिया।
लगभग पाँच महीनों तक चली इस पदयात्रा के दौरान देश के विभिन्न राज्यों, गाँवों और शहरों में लोगों से संवाद स्थापित किया गया। यात्रियों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को शुद्ध भोजन, जैविक खेती, रसायन-मुक्त अन्न और प्राकृतिक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया।
बारिश, तेज धूप, कठिन रास्तों और शारीरिक थकान जैसी अनेक चुनौतियों के बावजूद पदयात्रियों का संकल्प अडिग रहा। यह यात्रा केवल एक भौगोलिक दूरी तय करने का अभियान नहीं रही, बल्कि अन्न शुद्धि को लेकर जनचेतना की एक राष्ट्रीय मुहिम बनकर उभरी।
आयोजकों के अनुसार, इस पदयात्रा ने लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया और देशभर में प्राकृतिक खेती के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान भविष्य में स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था की नींव को मजबूत करेंगे।
कन्याकुमारी में समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत अन्नशुद्धि पदयात्रा एक यात्रा नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक क्रांति है, जो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध भोजन और स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाएगी।
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