जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिसमें देश के 10 जांबाज़ सैनिक शहीद हो गए। इन्हीं शहीदों में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के थाना जवां क्षेत्र के गांव दाऊपुर निवासी फौजी जवान मोनू चौधरी भी शामिल हैं।
शनिवार को शहीद हुए जवान मोनू चौधरी का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव दाऊपुर पहुंचा, तो पूरा गांव देशभक्ति के रंग में डूब गया। भारत माता की जय और शहीद मोनू चौधरी अमर रहें जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। हजारों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्र के लोग शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर आंख नम थी और हर दिल गमगीन।
सेना के जवानों ने शहीद मोनू चौधरी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान जिलाधिकारी संजीव सुमन, एसएसपी नीरज जादौन, बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहीद मोनू चौधरी अलीगढ़ के ब्लॉक बरौली, थाना जवां क्षेत्र के गांव दाऊपुर निवासी प्रताप सिंह के पुत्र थे। परिवार में तीन भाई हैं—सोनू, मोनू और प्रशांत। मोनू चौधरी और उनके छोटे भाई प्रशांत की वर्ष 2019 में 4 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्ति हुई थी। दोनों की वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में ही तैनाती थी, जबकि बड़े भाई सोनू गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं।
शहीद मोनू चौधरी की शहादत पर पूरे गांव को गर्व है, लेकिन परिवार और क्षेत्र में गम का माहौल है। देश ने एक और वीर सपूत को खो दिया, जिसकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
