आज का राशिफल, दिनांक - 10 अक्टूबर 2026 दिन - शनिवार

⛅दिनांक - 10 अक्टूबर 2026
⛅दिन - शनिवार
⛅विक्रम संवत् - 2083
(गुजरात अनुसार 2082)
⛅*शकसंवत- 1948
⛅अयन - दक्षिणायण
⛅ऋतु - शरद
⛅मास - आश्विन
⛅पक्ष - कृष्ण
⛅तिथि - अमावस्या रात्रि 09:19 तक
तत्पश्चात् प्रतिपदा
⛅नक्षत्र - हस्त रात्रि 09:42 तक
तत्पश्चात् चित्रा
⛅योग - इन्द्र रात्रि 10:02 तक
तत्पश्चात् वैधृति
🌥️*करण- चतुष्पाद 09.26 तक
बादमे नाग 22.22 तक
⛅राहुकाल - सुबह 09:18 से सुबह 10:46 तक
🌥️ *यमगंड- 13.34 से 15.00 तक
🌥️*गुलिक- 06.22 से 07.49 तक
⛅सूर्योदय - 06:22
⛅सूर्यास्त - 06:06
🌥️*चंद्रोदय- 05.48
🌥️*चंद्रास्त- 17.33
⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:44 से प्रातः 05:33 तक
⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:50 से दोपहर 12:37 तक
🌥️*विजय मुहूर्त- 14.12 से 14.59तक
🌥️*गोधूलि बेला- 17.42से 18.30तक
(पीयूष धारा और वशिष्ठ संहितानुसार)
⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:49 से मध्यरात्रि 12:38 तक
🌹🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।
🌹🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।
🌹👫मिथुन
धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी।
🌹🦀कर्क
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
🌹🐅सिंह
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।
🌹🙍♀️कन्या
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।
🌹⚖️तुला
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।
🌹🦂वृश्चिक
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।
🌹🏹धनु
समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें।
🌹🐊मकर
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।
🌹🍯कुंभ
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।
🌹🐟मीन
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।
🌹🙏व्रत पर्व विवरण🙏🌹
👉 *आज दर्श अमावस्या।
👉 *आज आश्विन अमावस्या।
👉 *आज सर्व पित्र अमावस्या का श्राद्ध।
👉 *आज अज्ञात मृत्यु-तिथिवालों का श्राद्ध।
👉 *आज महालय श्राद्ध समाप्त।
👉 *आज पितृपक्ष समाप्त।
💥 *विशेष- अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🌷🙏विशेष अमावस्या🙏🌷
➡️ 10 अक्टूबर 2026 रविवार को अमावस्या है ।
🌑🙏🏻 अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
🌹🙏विशेष चतुर्मास🙏🌹
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
